ई-किसान उपज निधि का हुआ शुभारंभ: किसानों को बिना किसी गारंटी के 7% ब्याज दर पर मिलेगा लोन

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ई-किसान उपज निधि का शुभारंभ: किसानों को अब 7% ब्याज दर पर गारंटी के बिना लोन मिलेगा – केंद्रीय उपभोक्ता मामले व खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ‘ई-किसान उपज निधि’ (e kisan upaj nidhi) नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया। इसके माध्यम से किसान अपनी उपज को पंजीकृत गोदामों में रखकर लोन ले सकेंगे।

e kisan upaj nidhi – ई-किसान उपज निधि स्कीम में किसी गांरटी के 7% ब्याज पर मिलेगा लोन

मंत्री पीयूष गोयल ने इस दौरान बताया कि “ई-किसान उपज निधि” प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से किसानों को बिना किसी गारंटी के पंजीकृत डब्ल्यूडीआरए गोदाम में 6 महीने की अवधि के लिए 7 प्रतिशत ब्याज दर पर आसानी से ऋण प्राप्त होगा। उन्होंने जल्द ही वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी को गोदाम मालिक की ओर से जमा कराई जाने वाली सुरक्षा राशि को मौजूदा स्टॉक के मूल्य के 3 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत कर देने की घोषणा की। किसानों को लोन प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक निगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (ई-एनडब्ल्यूआर) का उपयोग करना होगा।

e kisan upaj nidhi - ई-किसान उपज निधि स्कीम में किसी गांरटी के 7% ब्याज पर मिलेगा लोन
e kisan upaj nidhi – ई-किसान उपज निधि स्कीम में किसी गांरटी के 7% ब्याज पर मिलेगा लोन

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ई-किसान उपज निधि स्कीम के लिए 1 लाख गोदामों को पंजीकृत करने का लक्ष्य

मंत्री ने एक विशेष उपकरण की प्रशंसा की, जिसका उपयोग करके गोदामों को ऑनलाइन पंजीकृत किया जा सकता है। इस पहल के तहत, पिछले सालों में गोदामों की बहुत अधिक वृद्धि देखी गई है और एक लाख गोदामों को इस प्लेटफ़ॉर्म पर पंजीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष 1500 गोदाम पंजीकृत किए गए थे।

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e kisan upaj nidhi – ई-किसान उपज निधिडिजिटल गेटवे खेती को बनायेगा आकर्षक

श्री गोयल ने बताया कि डिजिटल गेटवे पहल खेती को और भी आकर्षक बनाने के लिए हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे, अतिरिक्त सुरक्षा जमा नीति, ‘ई-किसान उपज निधि’ किसानों को संकट के समय में उनकी उपज बिक्री को रोक सकती है, जिन्हें फसल के बाद भंडारण की अच्छी रखरखाव सुविधाओं के न होने के कारण अक्सर अपनी पूरी फसल को सस्ती दरों पर बेचना पड़ता है।

सरकारी खरीद में 2.5 गुना वृध्दि

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श्री गोयल ने इस बारे में जोर दिया कि ‘ई-किसान उपज निधि’ और ई-एनएएम के साथ, किसान एक इंटरकनेक्टिड मार्केट की प्रौद्योगिकी का उपयोग कर सकेंगे, जो उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर या उससे अधिक मूल्य पर अपनी उपज को सरकार को बेचने का फायदा पहुंचाती है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में सरकारी खरीद 2.5 गुना बढ़ गई है।

मंत्री ने एलान किया कि उन्होंने सहकारी क्षेत्र में विश्व के सबसे बड़े अनाज भंडारण क्षमता कार्यक्रम की शुरुआत की है। वे सहकारी समितियों के द्वारा स्थापित गोदामों को बिना किसी शुल्क के पंजीकृत करने की प्रेरणा देते हुए डब्ल्यूडीआरए को संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) और डब्ल्यूडीआरए द्वारा बनाए गए गोदाम आधुनिक हैं, लेकिन उन्होंने उनसे अपने गुणवत्ता मानकों को और अधिक सख्त बनाने के लिए कहा। उन्होंने राज्य एजेंसियों की ओर से संचालित गोदामों को भी आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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